माँ सिद्धिदात्री का स्वरूप

माँ सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान चार भुजाओं वाली देवी हैं, जिनके हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा और कमल होता है।

माँ सिद्धिदात्री की पौराणिक कथा

मां सिद्धिदात्री, दुर्गा का नवम रूप हैं, जो सिद्धियों की दात्री हैं। शिव ने इनकी आराधना कर आठ सिद्धियां प्राप्त कीं और अर्धनारीश्वर बने।

पूजा विधि:

स्नान और शुद्धिकरण: प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

माँ की स्थापना: चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माँ की मूर्ति स्थापित करें।

माँ की स्थापना: चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माँ की मूर्ति स्थापित करें।

 कन्या पूजन

नवमी तिथि पर नौ कन्याओं को आमंत्रित कर उनके चरण धोकर, तिलक लगाकर, भोजन कराकर उपहार दें।

माँ सिद्धिदात्री की कृपा

उनकी उपासना से भक्तों को अष्ट सिद्धि, नव निधि, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है।