प्रियंका चोपड़ा ने कहा , न्याय प्रणाली ने निर्भया की आवाज सुनी

प्रियंका चोपड़ा ने कहा, निर्भया को कभी भूलाया नहीं जा सकता प्रियंका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि न्याय वह चीज है जिसका पूरा देश पांच साल पहले मांग कर रहा था और जिसने पूरे देश को मामला भूलने नहीं दिया।


बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने निर्भया सामूहिक बलात्कार मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए एक इमोशनल नोट लिखा और कहा कि आखिरकार न्याय की जीत हुई जिसकी मांग पूरा देश कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर, 2012 को 23 साल की पीड़िता के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में दोषी करार दिए गए चार व्यक्तियों को मिली मौत की सजा को बरकरार रखा।

प्रियंका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि न्याय वह चीज है जिसका पूरा देश पांच साल पहले मांग कर रहा था और जिसने पूरे देश को मामला भूलने नहीं दिया। इस लड़ाई में शामिल हुई हर आवाज जोरदार और साफ थी कि छह दोषियों को सजा दी जाए। आखिरकार वे इसकी कीमत चुकाएंगे। इस तरह के अपराधों की बर्बरता मैं स्वीकार नहीं कर सकती।
इन छह दोषियों में से एक की मौत हो चुकी है जबकि एक किशोर है जो अब सुधार गृह से छूट चुका है। 34 साल की एक्ट्रेस ने कहा कि वह यह नहीं समझ पातीं कि 21वीं सदी के समाज में अभी भी इस तरह ऐसा कोई नृशंस अपराध हो सकता है। उन्होंने कहा कि अतीत बदला नहीं जा सकता और इसलिए हर नागरिक को प्रण लेना चाहिए कि वे भविष्य में भी इस तरह के बर्बर अपराधों का विरोध करना बंद नहीं करेंगे।

प्रियंका ने कहा कि न्याय प्रणाली ने निर्भया की आवाज सुनी, मुझे इसपर गर्व है। निर्भया ने अपनी मृत्यु से पहले बयान में अपील की थी कि उसके गुनहगारों को बख्शा ना जाए।
वहीं सिंगर सोनू निगम ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जबतक इस मामले के तथाकथित नाबालिग को सजा नहीं मिल जाती है इस केस में इंसाफ को अधूरा ही समझा जाएगा। बता दें कि निर्भया गैंगरेप केस में कुल 6 आरोपी थे। इनमें से चार आरोपियों मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई।

इस केस की सुनवाई के दौरान हीं मामले के पांचवें आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में सुसाइड कर लिया था। जबकि केस के छठे आरोपी को नाबालिग होने की वजह अदालत ने जुवेनाइल एक्ट के तहत मामूली सजा देकर छोड़ दिया था।
साल 2012 में 16 दिसंबर की रात को दिल्ली के मुनीरका में 23 साल की छात्रा के साथ हुए इस गैंगरेप के बाद दिल्ली में काफी बवाल मचा था और दिल्ली की सड़कों पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त प्रदर्शन किया गया था। बदमाशों ने लड़की के साथ एक बस में गैंगरेप किया, उसके बाद उसे और उसके दोस्त को चलती बस से फेंक दिया था। पीड़िता की 29 दिंसबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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