PoK में आतंकियों की रेसिडेंशियल यूनिवर्सिटी, 12 वर्ग KM में कैम्पस …..

PoK में आतंकियों की रेसिडेंशियल यूनिवर्सिटी, 12 वर्ग KM में कैम्पस, कई चरणों में दी जा रही हाईटेक ट्रेनिंगचित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।


पाक अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा मिलकर आतंक की पाठशाला चला रहा है ताकि भारत पर आतंकी हमला किया जा सके। सीएनएन न्यूज 18 के मुताबिक पीओके में ऐसे 48 आतंकी कैम्प हैं, उनमें से एक जो 12 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह मुरीदके के पास है।

नियंत्रण रेखा से 550 किलोमीटर दूर और 12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे आतंकियों के लिए हॉस्टल की सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके अलावा हरेक कमरे में डाइनिंग फैसिलिटी भी उपलब्ध कराई गई है। यहां करीब 1000 लोगों को आवासीय सुविधा के साथ आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही है।
दूसरा आंतकी कैम्प नियंत्रण रेखा से 100 किलोमीटर की दूरी पर मुजफ्फराबाद में है, जहां चार केन्द्रों पर 1480 बच्चों को आतंक की तालीम दी जा रही है। वहां लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित 10 मदरसों में बच्चों को आतंकवादी बनाया जा रहा है। इन्हें तीन चरणों में दौरा-ए-आम, दौरा-ए-खास और दौरा-ए-तलबा के रूप में पूरी तरह से आतंकी बनाया जा रहा है।
तीसरा आतंकी ट्रेनिंग स्कूल कोटली में चलाया जा रहा है। यह एलओसी से 120 किलोमीटर दूर है। कोटली में चार ट्रेनिंग कैम्पों में कुल 1200 लोगों को आंतक की मुक्कमल ट्रेनिंग दी जा रही है। खास बात यह है कि इन सभी केन्द्रों पर आतंकियों को हाईटेक ट्रेनिंग मुहैया कराई जा रही है।

इनमें उन्हें जीपीएस की खास ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि वो संभावित ठिकानों को नक्शों पर आसानी से ढूंढ़ सकें और वहां पहुंच सकें। इसके अलावा चेलीफोन का लोकेशन भी हासिल कर सके या उसे ट्रैक कर सकें। इन्हें ट्रेनिंग देने वाले पाकिस्तान आर्मी के रिटायर फौजी हैं।

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