PoK से RAW के 3 संदिग्ध एजेंट अरेस्ट, एंटी-टेररिस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज: PAK

नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके ) की पुलिस ने रॉ के 3 संदिग्ध एजेंटों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि अरेस्ट किए शख्स पाक विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। इनके खिलाफ एंटी टेररिज्म एक्ट (ATA) और एक्सप्लोसिव्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मीडिया के सामने पेश किया गया…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान के न्यूजपेपर डॉन ने शनिवार को अपनी एक रिपोर्ट में रॉ एजेंटों की गिरफ्तारी की बात कही है। इसमें यह भी बताया गया है कि इन एजेंटों को रावलकोट में मीडिया के सामने पेश किया गया। तीनों शख्स पीओके के अब्बासपुर में तरोटी गांव के रहने वाले हैं। इनके नाम मोहम्मद खलील, इम्तियाज और राशिद हैं।
– बता दें कि पाकिस्तान ने इंडियन सिटिजन कुलभूषण जाधव पर जासूसी का आरोप लगाकर उसे फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले को लेकर दोनों देशों के संबंधों में पहले से तनाव है। भारत ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि जाधव ईमानदार भारतीय है, उन्हें अगवा कर पाक ले जाया गया था, उनको फांसी दी गई तो इसे हत्या माना जाएगा।
धमाके में शामिल होने का आरोप
– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुंछ के DSP (डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) साजिद इमरान ने कहा कि प्रमुख संदिग्ध खलील नवंबर 2014 में कश्मीर अपने एक रिश्तेदार के घर आया था, वहीं वह रॉ ऑफिशियल्स के कॉन्टैक्ट में आया।
– DSP इमरान के मुताबिक तीनों संदिग्ध सितंबर में अब्बासपुर में एक पुलिस स्टेशन के बाहर हुए एक बम धमाके में शामिल थे। उन्होंने ही वहां IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट किया था। डीएसपी ने दावा किया कि खलील को इस टास्क के लिए 5 लाख रुपए की पेशकश की गई थी।
CPEC प्रोजेक्ट को टारगेट करने का मिला था जिम्मा
– डीएसपी इमरान ने बताया कि खलील के पास से पुलों, देवबंदी स्कूल के तहत आने वाली मस्जिदों, आर्मी और पुलिस के दफ्तरों की फोटो बरामद हुई हैं। उससे 2 एक्टिव सिम भी मिले हैं। पुलिस पुंछ डिवीजन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल चौधरी सज्जाद ने कहा, “रॉ ने तीनों शख्स को कम्बाइन्ड मिलिट्री हॉस्पिटल्स (CMHs), CPEC (चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर) से जुड़े प्रोजेक्ट्स, चीन के इंजीनियरों और सेंसिटिव लोकेशंस को टारगेट करने का जिम्मा सौंपा था।”
लोकल शख्स ने तीनों को देखा था
– मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक लोकल शख्स ने तीनों संदिग्धों को ब्लास्ट से पहले की रात 26 सितंबर को मौके पर देखा था। तीनों शॉपिंग बैग लिए हुए थे। इसके बाद ही पुलिस को धमाके में तीन लोगों का हाथ होने का पता चला।

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